शनिवार, 2 मई 2020

शिक्षक, मजदूर शहीदों एवं कोरोना के विरुद्ध योद्धाओं को हड़ताली शिक्षकों ने दी श्रृद्धांजलि


▪ हड़ताली शिक्षकों ने मनाया मजदूर दिवस
▪ शिक्षक एवं मजदूर आंदोलनों के शहीदों की दी श्रधांजली
▪ हकमारी के खिलाफ संघर्ष का लिया संकल्प
▪ सहायक शिक्षक- राज्यकर्मी का दर्जा व पूर्ण वेतन एवं सेवाशर्त को लेकर ढ़ाई महीने से हड़ताल पर हैं शिक्षक
▪ गांव- गांव में क्वारेंटाइन सेंटर नियोजित शिक्षकों के बगैर चलाना असंभव
▪ हड़ताल पर जारी गतिरोध को सकारात्मक पहल के जरिये सुलझा सकती सरकार
▪ दमन के खिलाफ शिक्षकों में सुलग रहा आक्रोश
▪ भेदभावपूर्ण नीतियों के खिलाफ गांव गांव में होगा पोल खोल

पटना/ 01 मई+02 मई 2020/ हड़ताल पर सरकार की बेरुखी और दमनात्मक रवैये के खिलाफ सूबे के टीइटी एसटीइटी शिक्षकों ने अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर
संघर्ष मजबूत करने का संकल्प लिया| इस दौरान नियोजित शिक्षकों ने लॉकडाउन का पालन करते हुए अपने अपने घरों में दीप प्रज्वलित कर शिक्षक एवं मजदूर आंदोलनों के शहीदों को श्रधांजली दी| शिक्षकों ने हड़ताल व अपने मुद्दे के समर्थन में सोशल मीडिया पर हैशटैग लगाकर अपने गतिविधियों की तस्वीरें भी शेयर की है| गौरतलब है कि सहायक शिक्षक- राज्यकर्मी का दर्जा व पूर्ण वेतन एवं सेवाशर्त को लेकर ढ़ाई महीने से सूबे के चार लाख नियोजित शिक्षक हड़ताल पर हैं| राज्य सरकार हड़ताल के मसले पर शिक्षक प्रतिनिधियों से वार्ता करने के बजाय दमनात्मक पत्र निकालकर आंदोलन को दबाने की रणनीति पर चल रही है| सहायक शिक्षक- राज्यकर्मी का दर्जा, पूर्ण वेतन व सेवाशर्त एवं कारवाई वापसी और सामंजन जैसे महत्वपूर्ण मसले पर बात करने के बजाय सरकार नियोजित शिक्षकों को डंडों से हांकना चाह रही है| हड़ताल के दौरान पैंसठ नियोजित शिक्षकों की मौत हो चुकी है जबकि पचीस हजार से भी अधिक शिक्षक निलंबन बर्खास्तगी व प्राथमिकी की कारवाई झेल रहे हैं| प्रवासी मजदूरों की वापसी के संकेतों ने सरकार के लिए गांव गांव में क्वारेंटाईन सेंटर की अपरिहार्यता तय की है लिहाजा उन केंद्रों पर बड़े पैमाने पर कर्मियों की जरूरत है| गांव- गांव में क्वारेंटाइन सेंटर नियोजित शिक्षकों के बगैर चलाना असंभव दिख रहा है| सरकार शिक्षक प्रतिनिधियों से बात करके हड़ताल को समाप्त कराने को लेकर गंभीर नही दिख रही है| नियोजित शिक्षक भी वार्ता के बगैर हड़ताल में बने रहने को बाध्य हैं|
समन्वय समिति कोरटीम के सदस्य और टीइटी एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मार्कंडेय पाठक ने बताया कि शिक्षक दमन से डरकर भागनेवाले नही हैं | दमन और बेरुखी के खिलाफ नियोजित शिक्षकों के भीतर आक्रोश सुलग रहा है| हड़ताल पर जारी गतिरोध को सरकार सकारात्मक पहल के जरिये सुलझा सकती है| लेकिन विभागीय आलाअधिकारियों के मंसूबे शिक्षकों के संघर्षों को ऐन केन प्रकारेण दबाने का ही दिखता है| भेदभाव के खिलाफ लड़ रहे शिक्षकों के साथ सरकार की चरम संवेदनहीनता के खिलाफ शिक्षक भी चुप नही बैठनेवाले हैं| शिक्षक , गांव - गांव में शासन प्रशासन व नीतियों के मोर्चे पर सरकार की विफलता का पोल खोलने की तैयारी कर रहे हैं|
प्रदेश सचिव अमित कुमार शाकिर इमाम नाजिर हुसैन और प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने कहा कि कोरोना महामारी के खिलाफ मुकम्मल मुहिम नियोजित शिक्षकों की भागीदारी के बगैर चलाना असंभव है| सरकार हठधर्मिता छोड़े- शिक्षक प्रतिनिधियों से सहायक शिक्षक- राज्यकर्मी का दर्जा, पूर्ण वेतन व सेवाशर्त एवं कारवाई वापसी और सामंजन जैसे महत्वपूर्ण मसले पर सकारात्मक बातचीत आगे बढ़ाते हुए हड़ताल समाप्त कराये|
प्रदेश कोषाध्यक्ष संजीत पटेल ने कहा कि सूबे के नियोजित शिक्षकों ने मजदूर दिवस मनाते हुए अपने साथ हो रही हकमारी के खिलाफ संघर्षरत रहने का संकल्प लिया है| शिक्षक, सरकार के दमन से नही दबनेवाले हैं शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रतिरोध जारी रखेंगे|

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